वैश्विक मंच पर अमेरिका और चीन के बीच चल रही प्रतिद्वंद्विता को लेकर भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने एक संतुलित रिश्ते की वकालत की है। उन्होंने इस स्थिति को 'गोल्डी…
डॉ. जयशंकर ने इस जटिल भू-राजनीतिक परिदृश्य में उभरती और मध्यम शक्तियों की भूमिका पर एक अहम सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में ज़्यादातर देश सिर्फ़ अर्थव्यवस्था या…
विदेश मंत्री के अनुसार, जोखिमों को कम करने और नए विकल्प तलाशने की यही कोशिश धीरे-धीरे एक नई विश्व व्यवस्था को जन्म दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उम्मीद करना यथार्…
उन्होंने कहा, "अब सवाल ये है कि कौन किसके साथ हाथ मिलाता है। अगर उभरती और मध्यम ताकतों के बीच सीधा टकराव न हो तो वे आपस में सहयोग बढ़ाना चाहेंगी। साथ ही, यह भी स्वाभाविक…
डॉ. जयशंकर ने 'तीसरे रास्ते' के बढ़ते महत्व पर ज़ोर दिया, जो अब कोई अपवाद नहीं, बल्कि एक आम चलन बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो देश पहले किसी एक खेमे में सुरक्षित महसू…
उन्होंने भविष्य की विदेश नीति को 'बहु-संरेखण' (multi-alignment) के रूप में परिभाषित किया, जहाँ देशों को उन ताकतों से भी संबंध रखने होंगे जिनसे तालमेल बिठाना आसान नहीं है।…
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