देश में वाहनों की बढ़ती संख्या के साथ सड़क दुर्घटनाएँ भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। इस मामले में तमिलनाडु 2025 में 71,000 से ज़्यादा हादसों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष पर…
यह जानकारी केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में केरल के सांसद बेनी बेहनन के एक सवाल के जवाब में दी। इन आँकड़ों के मुताबिक, 2025 में तमिलनाडु म…
आँकड़े बताते हैं कि प्रशासन के रोकथाम और निगरानी उपायों के बावजूद राज्य में सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ी है। साल 2022 में तमिलनाडु में 64,105 सड़क दुर्घटनाएँ हुई थीं, ज…
तमिलनाडु में दुर्घटनाओं की उच्च संख्या का एक बड़ा कारण वाहनों की भारी तादाद को माना जाता है। 1 अप्रैल, 2025 तक राज्य में 3.76 करोड़ पंजीकृत वाहन थे, जो उत्तर प्रदेश (5.05…
दिलचस्प बात यह है कि तमिलनाडु की तुलना में कम दुर्घटनाएँ होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में मृत्यु दर 55.47% और महाराष्ट्र में 49% दर्ज की गई, जो काफी ज़्यादा है। सड़क सुरक्ष…
केंद्र सरकार ने दुर्घटनाओं को कम करने के लिए कई उपाय किए हैं, जैसे परिवहन वाहनों के लिए स्पीड लिमिट उपकरणों को अनिवार्य करना। हालाँकि, दोपहिया, तिपहिया, चौपहिया, एम्बुलें…
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