पत्रकारिता जगत के चर्चित चेहरे और तहलका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल ने सोमवार को गोवा की एक अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उन्हें उत्तरी गोवा की कोलव…
यह मामला नवंबर 2013 का है, जब तेजपाल की एक जूनियर सहकर्मी ने आरोप लगाया था कि गोवा के एक लक्जरी होटल में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लिफ्ट के अंदर उसका यौन उत्पीड़न कि…
इस मामले में कानूनी लड़ाई काफी लंबी चली। मई 2021 में एक सेशंस कोर्ट ने तेजपाल को यह कहते हुए बरी कर दिया था कि अभियोजन पक्ष संदेह से परे मामले को साबित करने में विफल रहा।…
सजा के बाद तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट से तत्काल राहत की मांग की थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी। जस्टिस आलोक अराधे की एकल-न्यायाधीश पीठ ने स्पष्ट किया था कि…
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान तेजपाल के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने तर्क दिया था कि तेजपाल पूरी कार्यवाही के दौरान जमानत पर रहे हैं और अब एक वरिष्ठ नागरिक है…
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