जम्मू-कश्मीर इस साल अभूतपूर्व मौसमी आपदाओं का सामना कर रहा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, केंद्र शासित प्रदेश में 2024 की गर्मियों में अब तक बादल फटने की 35 विनाशकारी…
इन घटनाओं ने पहाड़ी इलाकों में जीवन और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे कई जिलों में तबाही का मंजर है। सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में पुंछ, राजौरी, कठुआ, डोडा, क…
1 अगस्त को किश्तवाड़ जिले के छत्रू इलाके में बादल फटने से आई भीषण बाढ़ में मलबा, उखड़े पेड़ और पत्थर बहकर रिहायशी इलाकों और बाजार तक पहुंच गए। इससे कई घरों में दरारें आ ग…
इन प्राकृतिक आपदाओं, जिनमें बादल फटना, अचानक बाढ़ और भूस्खलन शामिल हैं, में कुल 31 लोगों की जान जा चुकी है। हाल ही में, कुपवाड़ा जिले के लोलाब इलाके में हिमली में बादल फट…
जानकारों का मानना है कि इन घटनाओं के पीछे स्थानीय और वैश्विक, दोनों तरह के कारण जिम्मेदार हैं। स्थानीय स्तर पर, पहाड़ों की कटाई, वनों की कटाई और संवेदनशील क्षेत्रों में ब…
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