सुप्रीम कोर्ट ने तहलका के पूर्व प्रधान संपादक तरुण तेजपाल को 2013 के दुष्कर्म मामले में आत्मसमर्पण से छूट देने से इनकार कर दिया है। मंगलवार को दिए अपने आदेश में शीर्ष अदा…
यह मामला बॉम्बे हाईकोर्ट के 6 अगस्त के उस फैसले से जुड़ा है, जिसमें 2021 के एक निचली अदालत के फैसले को पलट दिया गया था। हाईकोर्ट ने तरुण तेजपाल को दुष्कर्म और अन्य अपराधो…
न्यायमूर्ति आलोक आराधे की एकल पीठ ने तरुण तेजपाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और गोवा सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलें सुनीं। सिब्बल ने तर्क दिय…
वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इन दलीलों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि जब तक तेजपाल आत्मसमर्पण नहीं करते, उनकी अपील पर सुनवाई नहीं हो सकती और 1970 के कानून का हवाला…
दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने तेजपाल की याचिका खारिज कर दी। जब अदालत ने आत्मसमर्पण के लिए समय पूछा, तो कपिल सिब्बल ने दो सप्ताह का वक्त मांगा, जिसे अदालत…
यह मामला नवंबर 2013 का है, जब तेजपाल की एक जूनियर महिला सहकर्मी ने उन पर गोवा के एक होटल की लिफ्ट में यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।
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