कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) की आड़ में 200 करोड़ रुपये की कथित मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले का पर्दाफाश हुआ है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस सि…
ईडी की जांच का केंद्र धर्मेंद्र कुमार चंद्रवीर सिंह नामक व्यक्ति है, जिस पर जुहू पुलिस स्टेशन में दर्ज एक FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला शुरू किया गया था। जांच मे…
जांच एजेंसी के मुताबिक, धर्मेंद्र सिंह ने अपनी 'डॉक्टर' की झूठी पहचान का इस्तेमाल कर चैरिटेबल ट्रस्ट और संस्थाओं का एक नेटवर्क खड़ा किया। ये संस्थाएं कागज़ों पर तो स्वास्…
ED ने अपनी जांच में पाया कि इस रैकेट का संचालन बेहद योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा था।
सिफारिश और कमीशन का खेल: जांच से पता चला कि जब अस्पतालों या स्वास्थ्य संस्थानों को महंगे उपकरणों के लिए फंड की कमी होती थी, तो उन्हें जन-प्रतिनिधियों से संपर्क कराया जाता…
फर्जी बिल और अधूरी परियोजनाएं: कई परियोजनाएं या तो अधूरी छोड़ दी गईं या मिले हुए फंड के मुकाबले बहुत कम काम किया गया। साथ ही, उपकरण आपूर्तिकर्ताओं के बिलों को बढ़ा-चढ़ाकर…
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