भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हालिया नियामकीय सुधारों और तरलता (लिक्विडिटी) बढ़ाने के उपायों से देश के बैंकिंग सेक्टर में भारी पूंजी आने की उम्मीद है। समाचार एजेंसी IANS के…
शुक्रवार को जारी कंसल्टिंग फर्म यूनिकस कंसलटेक की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय बैंकिंग क्षेत्र इस समय एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। RBI का लक्ष्य इन सुधारों…
रिपोर्ट के अनुसार, आरबीआई ने विदेशी मुद्रा जमा को आकर्षित करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं। इनमें 'एफसीएनआर(बी) स्वैप सुविधा' और अनिवासी भारतीयों (NRI) की जमा दरों पर अस्थ…
यूनिकस कंसलटेक के मुताबिक, बैंक RBI की एफसीएनआर(बी) जमा योजना के तहत अब तक 36.7 अरब डॉलर जुटा चुके हैं। उद्योग जगत के अनुमानों की मानें तो इस विशेष सुविधा की समयसीमा खत्म…
यूनिकस कंसलटेक के पार्टनर सागर लखानी ने कहा, "एफसीएनआर(बी) स्वैप सुविधा जैसे तरलता समर्थन उपाय जहां विदेशी पूंजी को आकर्षित कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भविष्य आधारित क्रेडि…
रिपोर्ट बताती है कि RBI अब सिर्फ पारंपरिक निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि एक व्यापक ढांचे पर काम कर रहा है। इसमें पूंजी प्रबंधन, लोन का जोखिम, ग्राहक सुरक्षा और आर्टिफिशि…
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