कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा ने मौजूदा वैश्विक व्यवस्था को आज की ज़रूरतों के लिए अपर्याप्त बताते हुए इसे बदलने की पुरजोर वकालत की है। समाचार एजेंसी IANS को दिए एक…
पित्रोदा का मानना है कि दुनिया अब किसी एक देश के प्रभुत्व के लिए उपयुक्त नहीं रही, बल्कि इसमें कई शक्ति केंद्रों को स्वीकार करने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा, "आज पूरी दुनिय…
पुरानी व्यवस्था अप्रासंगिक, नई पर चर्चा नहीं
पित्रोदा के अनुसार, दुनिया एक मुश्किल दौर से गुज़र रही है क्योंकि 80 साल पुरानी व्यवस्था अब अप्रासंगिक हो चुकी है, लेकिन इसे बदलने के लिए कोई गंभीर संवाद नहीं हो रहा है। उ…
उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि पिछले 80 वर्षों में उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए कोई नई वैश्विक संस्था नहीं बनाई गई। उन्होंने विशेष रूप से AI और समानता पर केंद्रित स…
एक वैश्विक संविधान और अफ्रीका के लिए 'मार्शल प्लान' का सुझाव
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