पाकिस्तान में मानवाधिकार वकील ईमान ज़ैनब मज़ारी-हाज़िर और उनके पति हादी अली चट्टा को सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिलने के कुछ ही घंटों बाद दोबारा गिरफ़्तार कर लिया गया। समाचा…
यह घटनाक्रम तब हुआ जब पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट की एक डिवीज़न बेंच ने सोशल मीडिया पोस्ट मामले में दोनों वकीलों की सज़ा पर रोक लगा दी थी। 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के हवाले…
इस मामले की शुरुआत 23 जनवरी को हुई थी जब मज़ारी-हाज़िर और चट्टा को गिरफ्तार कर आतंकवाद-रोधी अदालत (ATC) ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। इसके अगले ही दिन, 24 जनवर…
इस सज़ा के खिलाफ दोनों वकीलों ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट में अपील की और सज़ा पर रोक लगाने की मांग की। जब IHC में मामला लंबे समय तक लंबित रहा, तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख…
इससे पहले 25 अगस्त को पाकिस्तान के ह्यूमन राइट्स काउंसिल (HRC) ने ईमान मज़ारी-हाज़िर के बिगड़ते स्वास्थ्य पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी। उनके परिवार ने बताया था कि वह एक हफ…
परिवार का आरोप था कि टीबी जैसी गंभीर बीमारियों की आशंका को दूर करने के लिए चेस्ट एक्स-रे ज़रूरी था, लेकिन जेल प्रशासन ने यह जांच नहीं करवाई। HRC ने अपने बयान में कहा था क…
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