केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है। पार्टी अपने एक पार्षद की ज़मानत के लिए अदालत का दरवाज़ा खटख…
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, पूरा मामला भाजपा पार्षद आर. सुगथन से जुड़ा है, जो फिलहाल केरल असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (केएएपीए) के तहत न्यायिक हिरास…
इस मामले में भाजपा पर समय का भारी दबाव है। दरअसल, केरल हाई कोर्ट ने हाल ही में तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 20 पार्षदों को पद की शपथ का उल्लंघन करने पर अयोग्य घोषित कर दिया थ…
अगर सुगथन 24 जुलाई की समय सीमा से पहले रिहा होकर दोबारा शपथ नहीं ले पाते हैं, तो वह स्थायी रूप से अपनी पार्षद की सीट खो देंगे। यह भाजपा के लिए एक बड़ा झटका होगा, क्योंकि…
वर्तमान में 101 सदस्यों वाले तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा के पास 50 पार्षद हैं और उसे एक निर्दलीय पार्षद का भी समर्थन हासिल है। इसी 51 के आंकड़े के बल पर पार्टी ने पहल…
यदि सुगथन अपनी सीट गंवा देते हैं, तो भाजपा की प्रभावी संख्या 49 रह जाएगी, जो साधारण बहुमत से कम है। वहीं, विपक्ष में वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (LDF) के पास 29 पार्षद और कांग…
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