ओडिशा में श्री जगन्नाथ मंदिर की हज़ारों एकड़ ज़मीन के प्रबंधन और निपटान के लिए राज्य सरकार ने नई नियमावली को मंज़ूरी दे दी है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में…
इन नियमों को श्री जगन्नाथ मंदिर अधिनियम, 1955 की संबंधित धाराओं के तहत बनाया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये नियम ओडिशा राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से प्रभाव…
पूरी तरह ऑनलाइन व्यवस्था: नए नियमों के तहत ज़मीन के निपटान से जुड़े आवेदनों की प्राप्ति, सत्यापन और निपटारे के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल-आधारित प्रणाली स्थापित की जाएग…
ज़मीनों का डिजिटल रिकॉर्ड: सभी मंदिर भूमियों का व्यापक जीआईएस-आधारित डिजिटल मानचित्रण और सूची तैयार करना अनिवार्य किया गया है। यह एक सार्वजनिक डिजिटल डैशबोर्ड पर उपलब्ध ह…
समितियों का गठन: ज़िला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में एक 'ज़िला स्तरीय भूमि उप-समिति' (DLSC) और हर आवेदन की ज़मीनी जाँच के लिए एक 'श्री जगन्नाथ महाप्रभु भूमि संचालन समि…
मूल्यांकन का नया आधार: ज़मीनों का मूल्यांकन बेंचमार्क मूल्य (BMV) और औसत भूमि बिक्री सांख्यिकी (ALSS) में से जो भी अधिक होगा, उसके आधार पर किया जाएगा। 0.250 डेसीमल तक की…
पूरी खबर News4Social पर पढ़ें