किसानों को सही दाम पर अच्छी क्वालिटी की खाद मिले, यह सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल…
रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन छापों के बाद 17,392 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और 6,941 लाइसें…
सरकारी आंकड़े बताते हैं कि देश में खाद की कोई कमी नहीं है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान यूरिया, डीएपी (DAP), एमओपी (MOP) और एनपीकेएस (NPKS) जैसे प्रमुख उर्वरकों की उपलब्धता…
सरकार यह सुनिश्चित करती है कि किसानों तक खाद बिना किसी रुकावट के और सस्ते दाम पर पहुंचे। इसके लिए एक व्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई जाती है:
मांग का आकलन: कृषि और उर्वरक विभाग राज्यों के साथ मिलकर यह तय करते हैं कि किस राज्य को महीने के हिसाब से कितनी खाद चाहिए।
सप्लाई की निगरानी: इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम (आईएफएमएस) के जरिए खाद की हर खेप पर नज़र रखी जाती है।
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