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मेट्टूर बांध से पानी छोड़ने में देरी की मांग, तमिलनाडु के किसानों को सांबा फसल की चिंता

(फोटो: IANS)

तमिलनाडु के नागपट्टिनम जिले के किसान चिंतित हैं कि मेट्टूर बांध से तय समय पर पानी छोड़े जाने से उनकी सांबा धान की फसल खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने राज्य सरकार से 1 सितं…

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किसानों की चिंता का मुख्य कारण यह है कि मेट्टूर बांध से पानी छोड़े जाने के बाद भी उसे नागपट्टिनम की नहरों तक पहुंचने में लगभग 10 दिन लग जाते हैं, क्योंकि यह जिला कावेरी ड…

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कृषि विशेषज्ञों और किसान नेताओं ने भी इस मामले पर अपनी राय व्यक्त की है। सीपीआई (एम) के राज्य सचिव पी. शनमुगम के अनुसार, धान की खेती के लिए 45 दिनों का पानी अपर्याप्त है,…

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नागपट्टिनम जैसे तटीय जिले में कृषि पूरी तरह कावेरी नदी के पानी और उत्तर-पूर्वी मानसून पर निर्भर है, क्योंकि यहां का भूजल खारा होने के कारण सिंचाई के लिए उपयुक्त नहीं है।…

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सरकार से परामर्श और पिछले वर्षों का उदाहरण

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किसानों में इस बात को लेकर भी नाराज़गी है कि सरकार ने यह फैसला लेने से पहले उनसे सलाह नहीं ली। तमिलनाडु किसान संघ के राज्य महासचिव सामी नटराजन ने कहा कि जब बांध में पानी…

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