इकोनॉमी

GDP आंकड़ों पर बहस: SBI रिसर्च ने 42 लाख करोड़ की कमी के दावों को 'मनगढ़ंत कहानी' बताकर किया खारिज

(फोटो: IANS)

भारतीय अर्थव्यवस्था के नॉमिनल जीडीपी (Nominal GDP) के अनुमानों को लेकर चल रही बहस पर एसबीआई रिसर्च ने अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की है। इसमें उन दावों को खारिज किया गया…

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स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. सौम्य कांति घोष के अनुसार, हाल ही में पहली तिमाही के 7.8% जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े आने के बाद चार प्रमुख सवाल उठाए गए…

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रिपोर्ट का मुख्य तर्क यह है कि अलग-अलग आधार वर्ष (Base Year) वाली जीडीपी श्रृंखलाओं की तुलना करना "बेतुका और बौद्धिक बेईमानी का पक्का संकेत" है। भारत में समय-समय पर जीडीप…

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रिपोर्ट में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही से वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के बीच 14 तिमाहियों में नॉमिनल जीडीपी में 41.8 लाख करोड़ रुपये का संशोधन हुआ…

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विश्लेषण से पता चलता है कि जीडीपी के आंकड़ों में हुए बदलाव का लगभग 95% हिस्सा मुख्य रूप से 'ट्रेड, होटल, ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन' जैसे क्षेत्रों से संबंधित है, जहां 39…

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रिपोर्ट के अनुसार, "इस अलग-अलग तरह के बदलाव को अनौपचारिक/गैर-निगमित सेक्टर में आर्थिक गतिविधियों की संरचना की बेहतर मैपिंग के तौर पर देखा जा सकता है।" नए आधार वर्ष में अस…

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