सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि किसी कर्मचारी की शादीशुदा बेटी को केवल उसके विवाह के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति (कम्पैशनेट अपॉइंटमेंट) के अधिकार से वंचित…
यह मामला सायरा खातून और उनकी बेटी की अपील से जुड़ा है, जिनके पिता की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति के उनके दावे को खारिज कर दिया गया था। पटना उच्च न्यायालय ने भी इस खारि…
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने बिहार सरकार की 10 दिसंबर, 2014 की उस नीति पर सवाल उठाया, जिसमें अनुकंपा नियुक्ति के लिए सिर्फ तलाकशुदा या पति…
पीठ ने जोर देकर कहा कि बेटे और बेटी के बीच किसी भी तरह का भेदभाव संवैधानिक रूप से मान्य नहीं है। कोर्ट ने टिप्पणी की, “कानून में ऐसी कोई धारणा नहीं हो सकती कि शादी के बाद…
बिहार सरकार ने नियुक्ति के दावे को इस आधार पर भी खारिज कर दिया था कि मृतक कर्मचारी के भाई ने इस पर आपत्ति जताई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि भाई पहले ही एक अनापत्…
याचिकाकर्ता ने यह भी बताया था कि कानूनी रूप से तलाक न होने के बावजूद, वह अपने मायके में ही रह रही थीं और उन्हें अपनी मां और भाई का सहयोग मिल रहा था। इस पर कोर्ट ने कहा कि…
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