महाराष्ट्र की आर्थिक संकट से जूझ रही सहकारी चीनी मिलों को जल्द ही एक बड़ा सहारा मिलने वाला है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य सरकार ने मिलों को वित्तीय स्थिरता देने…
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने अधिकारियों को इस संबंध में एक औपचारिक प्रस्ताव तुरंत कैबिनेट के सामने पेश करने का निर्देश दिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित…
प्रस्तावित योजना के तहत, पात्र सहकारी चीनी मिलों को डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक (डीसीसीबी) और महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक (एमएससीबी) के माध्यम से ऋण दिया जाएगा…
अब चीनी के अलावा दूसरे उत्पादों पर भी जोर
सिर्फ कर्ज ही नहीं, सरकार चीनी उद्योग की आय के स्रोत बढ़ाने पर भी काम कर रही है। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने चीनी के उप-उत्पादों (बाय-प्रोडक्ट्स) पर केंद्रित एक स्वतंत…
इस नई नीति का उद्देश्य चीनी मिलों को सौर ऊर्जा, को-जनरेशन बिजली, एथेनॉल, कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG), ग्रीन हाइड्रोजन और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) जैसे क्षेत्रों में उत्प…
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