मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी धार्मिक संस्था या मदरसे से जारी फतवे को तलाक का कानूनी आधार नहीं माना जा सकता। समाचार एजेंसी IANS…
यह फैसला जस्टिस विवेक जैन की एकल पीठ ने एक महिला द्वारा दायर सिविल रिविजन याचिका को स्वीकार करते हुए दिया। महिला ने अपने पति द्वारा फैमिली कोर्ट में दायर एक मुकदमे को चुन…
एक व्यक्ति ने 29 अक्टूबर, 2024 को जारी एक फतवे को आधार बनाकर फैमिली कोर्ट में याचिका दायर की और अपनी शादी को समाप्त घोषित करने की गुहार लगाई। पत्नी ने इसका विरोध करते हुए…
हाई कोर्ट ने पत्नी के तर्कों से सहमति जताते हुए कहा कि फतवा देखने पर यह साफ होता है कि इसमें कहीं भी तलाक देने का जिक्र नहीं है। जस्टिस जैन ने अपने आदेश में कहा, "असल में…
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पति कानूनी प्रक्रिया के तहत फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल करने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन सिर्फ एक फतवे के आधार पर तलाक की घोषणा नहीं करवाई…
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