कर्नाटक में इस साल सामान्य से कम बारिश होने के कारण सूखे जैसी स्थिति पैदा हो रही है, जिससे निपटने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वाकांक्षी क्लाउड सीडिंग कार्यक्रम शुरू किया…
जल संसाधन मंत्री एन. चेलुवरयास्वामी ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए कहा कि अगर मानसून के अंत तक पर्याप्त पानी जमा नहीं हुआ तो अगले साल जून तक गंभीर जल संकट का सामना करना…
इस क्लाउड सीडिंग कार्यक्रम को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है और इसकी अनुमानित लागत 28.52 करोड़ रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) है। इस परियोजना का क्रियान्वयन संयुक्त रूप से जल संसा…
सरकार ने इस कार्यक्रम के वैज्ञानिक और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए दो अलग-अलग समितियों का गठन भी किया है। इनमें एक निगरानी समिति और दूसरी तकनीकी सलाहकार समिति शामिल है, जो…
इस प्रक्रिया में वर्षा को बढ़ावा देने के लिए बादलों में सिल्वर आयोडाइड और सोडियम क्लोराइड जैसे रसायन डाले जाते हैं। तकनीकी टीम डॉप्लर रडार की मदद से बादल के घनत्व और हवा…
क्लाउड सीडिंग के लिए पहले से कोई जिला तय नहीं किया गया है। विमानों की तैनाती वास्तविक समय के मौसम डेटा के आधार पर की जाएगी। प्राथमिकता उन क्षेत्रों को दी जाएगी जहां वर्षा…
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