इकोनॉमी

IPO बाज़ार में बहार: ₹3.86 लाख करोड़ की विशाल पाइपलाइन भारतीय अर्थव्यवस्था के भरोसे का प्रतीक

(फोटो: IANS)

भारतीय शेयर बाज़ार का प्राइमरी मार्केट यानी IPO (Initial Public Offering) के ज़रिए पूंजी जुटाने का क्षेत्र एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। यह अब केवल कभी-कभार आने वाले बड…

(फोटो: IANS)

यह पाइपलाइन कितनी बड़ी है, इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह रकम इस साल अब तक 84 मेनबोर्ड IPO से जुटाए गए 1.10 लाख करोड़ रुपए से लगभग साढ़े तीन गुना ज़्यादा ह…

(फोटो: IANS)

AIBI के चेयरमैन महावीर लुनावत ने बताया कि प्राइमरी मार्केट की यह सफलता केवल कंपनियों की तरफ़ से नहीं है, बल्कि निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है। उनके मुताबिक, संस्थागत निवेशक…

(फोटो: IANS)

आंकड़े बताते हैं कि 2016 से 2026 के बीच मेनबोर्ड IPO के ज़रिए कुल 8.36 लाख करोड़ रुपए जुटाए गए। जहाँ 2016 में सिर्फ़ 26 IPO से 26,494 करोड़ रुपए आए थे, वहीं 2025 में 103…

(फोटो: IANS)

सिर्फ़ बड़ी कंपनियाँ ही नहीं, छोटे और मझोले उद्यम (SMEs) का IPO इकोसिस्टम भी तेज़ी से बढ़ा है। साल 2025 में रिकॉर्ड 267 SME IPO आए, जबकि 2026 में अब तक 156 इश्यू आ चुके ह…

(फोटो: IANS)

पूरी खबर News4Social पर पढ़ें

(फोटो: IANS)
पूरी खबर पढ़ें →