भारत का एथेनॉल उद्योग अब एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है, जहाँ नई क्षमताएं जोड़ने के बजाय मौजूदा डिस्टिलेशन क्षमता के बेहतर उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। समाचार एजें…
ब्रिकवर्क रेटिंग्स की बुधवार को जारी रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि पेट्रोल में 25% एथेनॉल मिश्रण (E25) लागू होने की सामान्य स्थिति में, वित्त वर्ष 2031 तक देश की एथे…
रिपोर्ट भविष्य की मांग को लेकर तीन अलग-अलग स्थितियां बताती है, जो पूरी तरह से सरकार की ब्लेंडिंग नीति की गति पर निर्भर करेंगी:
सामान्य स्थिति (Base Case): यदि मिश्रण E25 तक पहुंचता है तो वित्त वर्ष 2031 तक मांग 17.9 अरब लीटर होगी।
सबसे खराब स्थिति (Bear Case): अगर मिश्रण मौजूदा E20 स्तर पर ही बना रहता है, तो मांग 14.3 अरब लीटर तक सीमित रहेगी, जिससे मौजूदा क्षमता का सिर्फ 78% ही उपयोग हो पाएगा।
सबसे अच्छी स्थिति (Bull Case): यदि सरकार मिश्रण को E30 (30% ब्लेंडिंग) तक ले जाती है, तो मांग 21.5 अरब लीटर तक पहुंच सकती है। यह मौजूदा क्षमता से 18% अधिक होगी और तब इस स…
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