टेक्नोलॉजी

भारत में डेटा सेंटर: कैसे बदल जाएगी रोज़गार और रियल एस्टेट की तस्वीर?

(फोटो: IANS)

भारत में डिजिटल क्रांति का अगला बड़ा अध्याय डेटा सेंटरों के विस्तार से लिखा जा रहा है। ये सिर्फ़ डेटा सहेजने के केंद्र नहीं, बल्कि रोज़गार और शहरी विकास के नए इंजन बनने क…

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समाचार एजेंसी IANS के हवाले से जारी इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत दुनिया का लगभग 20% डिजिटल डेटा पैदा करता है, लेकिन वैश्विक डेटा सेंटर क्षमता में हमारी हिस्सेदारी…

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रिपोर्ट का अनुमान है कि 2030 तक इन परियोजनाओं से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 4.33 लाख रोज़गार के अवसर पैदा होंगे। नौकरियों के इस उछाल से आवासीय संपत्तियों की मांग…

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स्क्वायर यार्ड्स के सह-संस्थापक और मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी विवेक अग्रवाल ने कहा, "पिछले कई दशकों में भारत के रियल एस्टेट विकास को राजमार्गों, औद्योगिक गलियारों, हवाई अ…

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विशेषज्ञों के अनुसार, डेटा सेंटर अपने आसपास एक पूरा इकोसिस्टम विकसित करते हैं। इनमें बेहतर बिजली सप्लाई, फाइबर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और व्यावसायिक सेवाएं शामिल हैं। रि…

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इस विकास का सबसे ज़्यादा लाभ महाराष्ट्र को मिलने का अनुमान है, जहां 5.4 करोड़ वर्गफुट से अधिक की आवासीय मांग पैदा हो सकती है। इसके बाद कर्नाटक (2.8 करोड़ वर्गफुट), आंध्र…

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