भारत का डेटा सेंटर उद्योग एक बड़े बदलाव के दौर से गुज़र रहा है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बड़े पैमाने पर क्लाउड सेवाओं की बढ़ती मांग मुख्य भूमिका निभा रही है।…
रियल एस्टेट कंसल्टेंसी जेएलएल (JLL) द्वारा बुधवार को जारी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए समाचार एजेंसी IANS ने बताया कि 2029 तक भारत की डेटा सेंटर क्षमता बढ़कर 6 गीगावाट तक…
रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में ही डेटा सेंटर की मांग में ज़बरदस्त उछाल देखा गया और यह 101 मेगावाट तक पहुंच गई। यह पिछले तीन वर्षों की समान अवधि के औसत से 20%…
इस क्षेत्र में वैश्विक हाइपरस्केलर कंपनियाँ (बड़ी टेक कंपनियाँ जो विशाल डेटा सेंटर चलाती हैं) एक अहम भूमिका निभा रही हैं। ये कंपनियाँ अपनी ज़रूरतों के लिए लगभग 30% नई क्ष…
सरकार की नीतियों ने भी निवेश को गति दी है। हालिया केंद्रीय बजट में विदेशी क्लाउड सेवा प्रदाताओं के लिए 20 साल की टैक्स छूट (टैक्स हॉलिडे) की घोषणा की गई है, जो 31 मार्च,…
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