जुलाई का महीना भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए अच्छी ख़बर लेकर आया। मज़बूत घरेलू मांग के चलते यात्री वाहनों (पैसेंजर व्हीकल्स) की थोक बिक्री में साल-दर-साल 34% की शानदार ब…
रिपोर्ट में कहा गया है कि यात्री वाहनों के साथ-साथ दोपहिया और ट्रैक्टर सेगमेंट में भी मांग मजबूत बनी रही। यात्री वाहनों की बिक्री में सबसे बड़ा योगदान यूटिलिटी गाड़ियों (…
अगर दोपहिया वाहनों की बात करें तो इनकी होलसेल बिक्री में सालाना आधार पर लगभग 15% की वृद्धि हुई, जबकि रिटेल यानी खुदरा बिक्री 34% तक बढ़ गई। इसी तरह, कमर्शियल गाड़ियों (CV…
बिक्री के आंकड़े भले ही उत्साहित करने वाले हों, लेकिन रिपोर्ट में एक चेतावनी भी दी गई है। कमोडिटी की ऊँची कीमतों के कारण कंपनियों के मुनाफ़े (मार्जिन) पर दबाव पड़ सकता है…
इन सबके बीच, इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) को अपनाने का चलन लगातार मज़बूत हो रहा है। जुलाई में बिकी कुल दोपहिया गाड़ियों में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की हिस्सेदारी 11.2% थी। वहीं,…
रिपोर्ट में ग्रामीण मांग को लेकर एक अनिश्चितता भी जताई गई है। हालांकि हाल के हफ़्तों में बारिश सुधरी है, लेकिन जलाशयों का स्तर अभी भी औसत से कम है। इसके अलावा, 2026 में अ…
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