भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए उठाए गए कदमों का असर दिखने लगा है। एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, इन उपायों और मज़बूत विदेशी मुद्रा जमा (FC…
केयरएज रेटिंग्स की इस रिपोर्ट के मुताबिक, यह मज़बूत विदेशी निवेश भारत की बाहरी आर्थिक स्थिति को काफ़ी ताक़त देगा और वैश्विक बाज़ारों में किसी भी तरह की अस्थिरता के सामने…
रिपोर्ट में इस सकारात्मक बदलाव का श्रेय RBI की उन नीतियों को दिया गया है, जिन्हें 5 जून, 2026 को घोषित किया गया था। इनमें विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) यानी FCNR(B) जमा, ब…
आंकड़ों के अनुसार, 5 जून से 31 जुलाई 2026 के बीच ही इन उपायों के ज़रिए कुल 40.8 अरब डॉलर की विदेशी पूंजी भारत आई। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा FCNR(B) जमा का रहा, जिससे 36.7 अर…
इस बड़े पूंजी प्रवाह के कारण भारत के पूंजी खाते का सरप्लस भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार, यह सरप्लस अब लगभग 108 अरब डॉलर हो सकता है, जबकि पिछल…
फिलहाल बड़े बैंक FCNR जमा पर 6.0% से 6.5% तक की ब्याज दर दे रहे हैं, जबकि कुछ छोटे और नए बैंक लगभग 7% तक की पेशकश कर रहे हैं। इस बढ़ते निवेश का सीधा असर देश की बैंकिंग प्…
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