वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) भारतीय कॉरपोरेट जगत के लिए उम्मीद से कहीं बेहतर साबित हुई है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को…
यह विश्लेषण ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (एमओएफएसएल) ने अपनी रिपोर्ट में प्रस्तुत किया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अगर तेल कंपनियों के घाटे को हटाक…
इस तिमाही के नतीजों में बैंकिंग और वित्तीय सेवा क्षेत्र (BFSI) का योगदान सबसे अहम रहा, जिसकी आय में सालाना 20% की बढ़ोतरी हुई। सबसे शानदार प्रदर्शन मेटल सेक्टर का रहा, जि…
बड़ी कंपनियों (लार्ज-कैप) ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए अपनी आय में 6% की वृद्धि दर्ज की। वहीं, मिड-कैप कंपनियों की आय में 31% की गिरावट देखी गई, जिसका मुख्य कारण तेल विप…
हालांकि, सभी क्षेत्रों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और कुछ क्षेत्रों में मांग की चुनौतियों के कारण तेल विपणन कंपनियों के अलावा सीमेंट, विमानन और…
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