सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ कोर्ट परिसर में वकीलों द्वारा किए गए अनधिकृत निर्माणों को गिराने का रास्ता साफ कर दिया है। मंगलवार को हुई सुनवाई में शीर्ष अदालत ने सेंट्रल बार एसोस…
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने वकीलों की उन दलीलों को खारिज कर दिया, जिनमें वैकल्पिक जगह दिए जाने या मध्यस्थता की मांग की गई थी। बेंच ने स्पष्ट किया क…
सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ ने अपनी व्यक्तिगत जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने खुद इन निर्माणों को देखा है। उन्होंने टिप्पणी की, “आप मुख्य सड़क पर कब्जा कर…
पीठ ने जोर देकर कहा कि इन ढांचों के कारण सड़कें और ट्रैफिक बुरी तरह बाधित हुआ है, इसलिए इन्हें हटाना ही होगा। जस्टिस नाथ ने कहा, “सभी निर्माण तोड़े जाने हैं। मैंने खुद देख…
यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें परिसर के 72 अतिक्रमणों की पहचान की गई थी। हाईकोर्ट के सामने यह बात रखी गई थी कि वकीलों के विरोध और बाधा डालने के…
4 अगस्त के अपने आदेश में हाईकोर्ट ने बाकी अतिक्रमणकारियों को निर्माण खाली करने या अपने कब्जे का वैध दावा पेश करने का एक और मौका दिया था। ऐसा न करने पर अवैध ढांचों को गिरा…
पूरी खबर News4Social पर पढ़ें