गोवा में एक व्यक्ति को 'डिजिटल अरेस्ट' कर 2.60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसा…
मामले की शुरुआत तब हुई जब गोवा के एक निवासी को वीडियो कॉल पर डराकर यह विश्वास दिलाया गया कि वह एक आपराधिक जांच के दायरे में है। इसके बाद जालसाजों ने उसे 'सीक्रेट सुपरविजन…
ED की जांच में एक बड़े और संगठित साइबर फ्रॉड रैकेट का खुलासा हुआ है। यह गिरोह धोखाधड़ी से मिले पैसों को बैंकिंग सिस्टम में डालता, फिर उसे कैश में बदलता और अंत में रिजर्व…
एजेंसी ने बताया कि इस रकम को 400 से ज़्यादा खातों में भेजा गया था। ये खाते ऐसी कंपनियों के नाम पर थे जिनके डायरेक्टर सिर्फ कागजों पर थे, जबकि असल में इन खातों को कोई और ह…
ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 की धारा 19 के तहत 27 अगस्त को भूषण सूर्यकांत मोये (चार्टर्ड अकाउंटेंट), विलास नारायण पवार और शैलेश दगडू चव्हाण को गिरफ्तार कि…
जांच के अनुसार, चार्टर्ड अकाउंटेंट भूषण मोये ने इस नेटवर्क के लिए 21 फर्ज़ी कंपनियां बनाईं और उनके 43 डमी डायरेक्टरों के इनकम-टैक्स रिटर्न एक साथ दाखिल किए। वहीं, विलास प…
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