लगातार दो महीने की खरीदारी के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने सितंबर में भारतीय शेयर बाज़ार से दूरी बना ली है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, महीने के पहले 19 दि…
हालांकि, सेकेंडरी मार्केट में बिकवाली के बावजूद विदेशी निवेशकों का भरोसा प्राइमरी मार्केट यानी IPOs पर बना हुआ है। सितंबर में अब तक उन्होंने प्राइमरी मार्केट में करीब 2,7…
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, इस बिकवाली के पीछे कई वैश्विक कारक काम कर रहे हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने निवेशकों के सेंटिमेंट को प्र…
इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी ने भी वैश्विक नकदी की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड…
विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर पिछले हफ्ते शेयर बाज़ार पर भी दिखा, जब सेंसेक्स 0.65% गिरकर 74,294.46 पर और निफ्टी 0.22% गिरकर 23,346.40 पर बंद हुआ। विश्लेषकों का कहना…
विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का 5% के स्तर पर होना भारतीय इक्विटी बाज़ार के लिए नकारात्मक संकेत हैं। हालांकि, भारतीय अर्थव्यव…
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