दुनिया

ब्रिक्स का विस्तार: भारत के लिए कूटनीतिक अवसर और संतुलन की चुनौतियां

(फोटो: IANS)

ब्रिक्स समूह का विस्तार भारत के लिए अपनी वैश्विक स्थिति मजबूत करने और 'ग्लोबल साउथ' में अपनी पैठ बढ़ाने का एक बड़ा अवसर लेकर आया है। स्वीडन स्थित इंस्टीट्यूट फॉर सिक्योरि…

(फोटो: IANS)

समाचार एजेंसी IANS के हवाले से मिली इस रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि भारत का लक्ष्य मौजूदा वैश्विक व्यवस्था को बदलना नहीं, बल्कि उसके भीतर अपनी सौदेबाजी की क्षमता को…

(फोटो: IANS)

यह विस्तारित मंच भारत को विकासशील देशों (ग्लोबल साउथ) की प्राथमिकताओं को प्रभावी ढंग से उठाने का एक व्यापक अवसर भी देता है। इनमें विकास के लिए वित्तपोषण, जलवायु न्याय, प्…

(फोटो: IANS)

हालांकि, रिपोर्ट इस बात पर भी जोर देती है कि यह विस्तार भारत के लिए कई कूटनीतिक संतुलन साधने की चुनौतियां भी पेश करता है। भारत को चीन के साथ अपने संबंधों का प्रबंधन करते…

(फोटो: IANS)

ISDP के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात जैसी व्यावहारिक मध्य शक्तियों के साथ संबंध मजबूत करना और नए सदस्यों को शामिल करते हुए समूह की प्रभावशीलता बनाए रखना भारत की प्रमुख जिम्…

(फोटो: IANS)

पूरी खबर News4Social पर पढ़ें

(फोटो: IANS)
पूरी खबर पढ़ें →