भारत ने पेट्रोल में एथेनॉल मिलाकर पिछले करीब एक दशक में विदेशी मुद्रा भंडार में 1.90 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा की बचत की है। यह कार्यक्रम न सिर्फ देश की ऊर्जा सुरक्षा को…
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अपनी जरूरत का लगभग 88.5% कच्चा तेल आयात करता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव और आपूर्ति की अनिश्चितताओ…
विदेशी मुद्रा बचत से लेकर किसानों की आय तक
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2014-15 से मई 2026 तक की अवधि में एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम (EBP) के माध्यम से 310 लाख मीट्रिक टन आयातित कच्चे तेल को बदला गया। इस कदम से देश क…
इतना ही नहीं, इस कार्यक्रम का सीधा लाभ किसानों को भी मिला है। इस दौरान किसानों को 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त आमदनी हुई। साथ ही, इसने 930 लाख मीट्रिक टन से ज़…
फैक्टशीट में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि एथेनॉल का मिश्रण सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक प्रथा बन चुकी है। अमेरिका, ब्राजील और जापान जैसी दुनिया की…
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