भारत की न्याय व्यवस्था एक बड़े डिजिटल बदलाव के दौर से गुज़र रही है, जिसका श्रेय ई-कोर्ट्स मिशन मोड परियोजना को जाता है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस परि…
इस मिशन ने एक अरब से ज़्यादा लोगों की सेवा करने वाली न्यायपालिका को आधुनिक बनाया है, जो लंबे समय से पारंपरिक कागज़ी कार्यवाही पर निर्भर थी। पहले लोगों को अपने मामलों के ल…
ई-कोर्ट्स परियोजना को तीन चरणों में लागू किया गया है। पहले चरण (2011-2015) में 14,000 से ज़्यादा अदालतों का कम्प्यूटरीकरण करके इसकी नींव रखी गई। दूसरे चरण (2015-2023) में…
अब यह परियोजना अपने तीसरे चरण (2023-2027) में है, जिसका लक्ष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (OCR) जैसी उन्नत तकनीकों को अपनाकर अदालतों को पूर…
अब वकीलों और नागरिकों को दस्तावेज़ जमा करने के लिए अदालत जाने की ज़रूरत नहीं है। ई-फाइलिंग सिस्टम के ज़रिए वे कहीं से भी ऑनलाइन केस फाइल कर सकते हैं। यह प्रणाली क्षेत्रीय…
इस मिशन के तहत पुराने अदालती रिकॉर्ड के 753 करोड़ से ज़्यादा पन्नों को डिजिटाइज़ किया गया है, जिससे उन्हें सुरक्षित रखने और खोजने में आसानी हुई है। साथ ही, वीडियो कॉन्फ्र…
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