भारतीय शेयर बाज़ार में घरेलू निवेशकों का भरोसा लगातार मज़बूत हो रहा है। विदेशी पूंजी के उतार-चढ़ाव के बावजूद देसी संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाज़ार को बड़ा सहारा दिया है। समाच…
पिछले साल, यानी 2025 में इसी अवधि के दौरान यह आंकड़ा 4.48 लाख करोड़ रुपए था। इससे पता चलता है कि घरेलू निवेश की रफ़्तार इस साल और भी तेज़ हुई है। आंकड़े बताते हैं कि अगस्त 202…
घरेलू निवेशकों का यह प्रवाह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली से पैदा हुए दबाव को संतुलित करने में बड़ी भूमिका निभाई है। IAN…
बाज़ार विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मज़बूती और म्यूचुअल फंड के ज़रिए आम लोगों की बढ़ती भागीदारी इस मज़बूत घरेलू निवेश का मुख्य कारण है। विश्लेषकों के अनुसा…
जून 2026 में समाप्त तिमाही के दौरान, DII ने उपभोक्ता क्षेत्र, सरकारी बैंकों (PSU Banks), ऊर्जा, दूरसंचार, धातु और टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में ज़्यादा दिलचस्पी दिखाई।…
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