बांग्लादेश की जेलों में कैदियों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे जेलों की स्थिति और कैदियों के मानवाधिकारों को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। समाचार एजे…
आंकड़ों के मुताबिक, कई बार तो एक ही दिन में चार-चार कैदियों की मौत की खबरें सामने आई हैं। हालिया मामलों में, 54 वर्षीय मोहम्मद रफीकुल इस्लाम और 60 वर्षीय अब्दुर रहीम की ढ…
ढाका स्थित मानवाधिकार संगठन 'आइन ओ सालिश केंद्र' (ASK) ने जनवरी से अगस्त के बीच 79 कैदियों की मौत दर्ज की है। इनमें 47 विचाराधीन कैदी थे जबकि 32 सज़ायाफ्ता थे। संगठन के म…
रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि अलग-अलग स्रोतों के आंकड़ों में थोड़ा अंतर हो सकता है, लेकिन यह पैटर्न एक गंभीर सवाल ज़रूर उठाता है कि बीमार पड़ने पर कैदियों को स…
मानवाधिकार कार्यकर्ता इन मौतों की गहन और स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। ASK के वरिष्ठ समन्वयक, अबू अहमद फैजुल कबीर ने कहा, "कैदी अपनी आजादी खो सकते हैं, लेकिन वे अपनी…
वहीं, ढाका विश्वविद्यालय के अपराध विज्ञानी तौहीदुल हक ने जेलों में भीड़भाड़, अपर्याप्त स्वास्थ्य सेवा और खराब भोजन को मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुख्य कारण बताया। उन्होंन…
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