कावेरी नदी के पानी के बँटवारे को लेकर तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, तमिलनाडु ने कर्नाटक पर…
यह मामला जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ के सामने था। तमिलनाडु सरकार ने याचिका दायर कर कर्नाटक को 26.954 टीएमसी पानी छोड़ने का निर्देश देने की माँग की थी।
सुनवाई के दौरान तमिलनाडु की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील सी.एस. वैद्यनाथन ने पीठ को बताया कि सोमवार सुबह तक राज्य को CWMA के निर्देश के अनुसार पानी तो मिला है, लेकिन यह पर्य…
वैद्यनाथन ने अदालत को यह भी जानकारी दी कि कर्नाटक के कावेरी जलाशयों में फिलहाल करीब 78 टीएमसी पानी है, लेकिन इसके बावजूद तमिलनाडु को उसके हिस्से का पानी नहीं मिल रहा है।…
तमिलनाडु के वकील के अनुरोध पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई अगले सप्ताह 31 अगस्त के लिए निर्धारित कर दी। अदालत ने कहा कि दोनों पक्ष पानी छोड़े जाने की ताज़ा स्थिति से…
तमिलनाडु ने यह याचिका कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) और CWMA के निर्देशों का पालन न करने का आरोप लगाते हुए दायर की थी। CWRC ने 28 जुलाई की अपनी बैठक में कर्नाटक को 29 जुल…
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