भारतीय शेयर बाज़ार में अब शेयरों का क्लोजिंग प्राइस तय करने के लिए एक नई व्यवस्था लागू की गई है, जिसे क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) कहा जा रहा है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय…
समाचार एजेंसी IANS के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, सेबी ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में इस नए फ्रेमवर्क की जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, इक्विटी कैश सेगमेंट में क्लो…
सेबी ने बताया कि पुरानी व्यवस्था वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) पर आधारित थी, जिसमें ट्रेडिंग सत्र के आखिरी 30 मिनट के सौदों का औसत निकाला जाता था। इस वजह से अक्सर दिन…
नई CAS प्रणाली इन चुनौतियों से निपटने और न्यूयॉर्क (NYSE), लंदन (LSE) और हॉन्ग कॉन्ग (HKEX) जैसे प्रमुख वैश्विक बाजारों की सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने के लिए लाई गई है।
पैसिव निवेश और वैश्विक इंडेक्स का प्रभाव
सेबी की रिपोर्ट इस बात पर भी प्रकाश डालती है कि भारतीय पूंजी बाज़ार में पैसिव निवेश का चलन तेजी से बढ़ा है। 31 मार्च, 2026 तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के कुल इक्व…
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