करीब दो साल तक भारतीय शेयर बाज़ारों को लेकर सतर्कता बरतने के बाद, अमेरिकी ब्रोकरेज फर्म बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) सिक्योरिटीज ने अब अपना नजरिया बदला है। समाचार एजेंसी IANS क…
BofA ने अपनी नवीनतम रणनीति रिपोर्ट में बताया है कि अगस्त 2024 से वे भारतीय बाज़ारों को लेकर सतर्क थे। उन्होंने आठ प्रमुख जोखिमों की पहचान की थी, जिनके कारण बाज़ार में अस्…
जिन जोखिमों को BofA अब कमतर आंक रहा है, उनमें कच्चे तेल की कीमतें, रुपए की चाल और मानसून की स्थिति शामिल हैं।
कच्चा तेल: पहले कच्चे तेल का 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाना एक बड़ा जोखिम माना गया था। हालांकि, रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले सात महीनों में कीमतें सात बार 100 डॉलर…
रुपया: पहले रुपए को लेकर चिंता थी, लेकिन हाल में देश में आए करीब 136 अरब डॉलर के पूंजी प्रवाह से भारतीय मुद्रा को मज़बूती मिलनी चाहिए।
मानसून: कमजोर मानसून को एक खतरे के तौर पर देखा जा रहा था। फिलहाल बारिश की कमी 13% है, जो BofA के 15% के सबसे बुरे अनुमान के काफी करीब है, यानी यह जोखिम भी काफी हद तक सामन…
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