भोपाल गैस त्रासदी के दशकों बाद भी पीड़ितों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौती बनी हुई है। त्रासदी पीड़ितों के साथ काम करने वाले चार संगठनों ने आरोप लगाया है कि भोपाल मेमोर…
संगठनों का कहना है कि इन मिनी यूनिट्स को स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य गैस पीड़ितों को उनके इलाकों के पास ही इलाज मुहैया कराना था। लेकिन अब पैथोलॉजी लैब बंद कर दी गई हैं…
आरोप केवल पैथोलॉजी सेवाओं तक सीमित नहीं हैं। संगठनों के अनुसार, मिनी यूनिट 1, 3, 5 और 8 में एक्स-रे फिल्म लेना भी बंद कर दिया गया है, जिसके चलते मरीज़ों को जांच के लिए मु…
भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन (बीजीआईए) की रचना ढिंगरा ने कहा, "गैस त्रासदी से पीड़ितों के इलाकों के करीब स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए ये मिनी यूनिट स्थापि…
मामला सुप्रीम कोर्ट और मंत्रालय तक पहुंचा
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए इन संगठनों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR), और BMHRC की निदेशक मनीषा श्रीवास्तव को पत्र लिखा है। 5 अगस्…
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