आंध्र प्रदेश में भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने और बिजली ग्रिड को स्थिर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने 1,600 मेगावाट कोयला आधारित थर्मल…
यह खरीद 'डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन और ऑपरेट' (DBFOO) मॉडल पर आधारित होगी। इसके लिए बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 63 के तहत दर-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टैरिफ-बेस्ड कॉम्पिट…
आंध्र प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों, शहरीकरण और निवेश में तेजी से विस्तार हो रहा है, जिससे बिजली की खपत और पीक डिमांड में भारी वृद्धि का अनुमान है। केंद्रीय विद्युत प्रा…
ग्रिड की स्थिरता और नवीकरणीय ऊर्जा को सहारा
यह योजनाबद्ध थर्मल क्षमता राज्य को एक भरोसेमंद और जरूरत के मुताबिक उपलब्ध होने वाली बिजली (डिस्पैचेबल पावर) प्रदान करेगी। यह खासकर उन समयों में ग्रिड को स्थिरता देगी, जब…
आंध्र प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (APERC) ने वितरण कंपनियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि प्रस्तावित बिजली उत्पादन क्षमता को प्राथमिकता के आधार पर राज्य के अप…
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