उत्तर प्रदेश के आगरा में एक ऐसे फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है, जो पिछले दो सालों से नौकरी का झांसा देकर लोगों को अपना शिकार बना रहा था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट…
आगरा के पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) आदित्य कुमार ने बताया कि यह गिरोह एक ऐसी कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करता था, जिसका कोई कानूनी अस्तित्व ही नहीं था। आरोपियो…
पुलिस के मुताबिक, ठगी का यह पूरा खेल तीन चरणों में चलता था। सबसे पहले, आरोपी संभावित उम्मीदवारों को फोन करके कंपनी में 'वैकेंसी' होने की जानकारी देते थे। फिर उनसे QR कोड…
डीसीपी आदित्य कुमार ने विस्तार से बताया, "दूसरे चरण में जब पीड़ित भरोसा कर लेते थे तो आरोपी उनसे उस फर्म में 'सुपरवाइजर' या 'गार्ड' की पोस्ट के लिए लगभग 8,800 रुपए अतिरिक…
यह संयुक्त ऑपरेशन काउंटर-इंटेलिजेंस टीम, साइबर सर्विलांस टीम और ताजगंज थाने के पुलिसकर्मियों ने मिलकर चलाया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से 10 मोबाइल फोन, 35 बैंक पासबुक, 28…
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन धोखेबाजों को पीड़ितों के संपर्क नंबर कैसे मिलते थे और ठगी से कमाए गए पैसों का इस्तेमाल कहाँ किया गया।
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