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कश्मीर में लश्कर की नई चाल: नागरिकों पर हमले के लिए पुरानी रणनीति की वापसी, पिस्तौल और नए रंगरूटों पर ज़ोर

(फोटो: IANS)

जम्मू-कश्मीर में 10 दिनों के भीतर दो आतंकी हमलों के बाद सुरक्षा एजेंसियां लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की बदली हुई रणनीति पर नज़र रख रही हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के म…

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एजेंसियों का मानना है कि अनंतनाग और कुलगाम में हाल में हुए हमले लश्कर के सहयोगी संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' की ही साजिश हैं। इन हमलों से यह साफ़ संकेत मिलता है कि आतंकी सं…

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अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में एक स्पष्ट पैटर्न दिखाई देता है। अब निशाना वे आम नागरिक हैं, जहां सुरक्षा व्यवस्था बहुत कड़ी नहीं है। इनमें कश्मीरी पंडित, अल्पसंख्यक और…

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लश्कर ने अपनी रणनीति में यह बदलाव इसलिए किया है क्योंकि आतंकी समूह संवेदनशील प्रतिष्ठानों और सेना के शिविरों में घुसपैठ करने में असमर्थ हैं। एक अधिकारी ने बताया कि वे निय…

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इस नई रणनीति के तहत लश्कर ने अपने सदस्यों को एके-47 जैसे बड़े हथियारों की जगह पिस्तौल इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। पिस्तौल को आसानी से छिपाया जा सकता है और इस पर ज्य…

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एक लश्कर सदस्य, लतीफ, की भूमिका की भी जांच की जा रही है, जो पहले मारे जा चुके कमांडर जाकिर गनई के साथ काम करता था। अधिकारियों का मानना है कि लतीफ दक्षिण कश्मीर में 'हिट ए…

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