कैंसर के इलाज में कीमोथेरेपी की दवाएं अक्सर अपना पूरा असर नहीं दिखा पातीं, क्योंकि शरीर का लिवर उन्हें ट्यूमर तक पहुंचने से पहले ही साफ़ कर देता है। लेकिन अब वैज्ञानिकों…
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह महत्वपूर्ण शोध प्रतिष्ठित जर्नल 'नेचर मैटेरियल्स' में प्रकाशित हुआ है। इसमें बताया गया है कि कैसे एक सामान्य एंटीबायोटिक का थोड़े समय के…
आधुनिक कैंसर के इलाज में 'नैनोपार्टिकल-आधारित कीमोथेरेपी' का इस्तेमाल आम है। इसमें दवा के बेहद सूक्ष्म कण सीधे ट्यूमर पर हमला करने के लिए भेजे जाते हैं। हालांकि, लिवर में…
शोधकर्ताओं ने पाया कि लिवर की इस सक्रियता को हमारी आंत के बैक्टीरिया नियंत्रित करते हैं। ये बैक्टीरिया 'बाइल एसिड' नाम का एक रसायन बनाते हैं, जो लिवर को यह संकेत देता है…
इस प्रक्रिया को समझने के बाद, वैज्ञानिकों ने चूहों पर किए गए प्रीक्लिनिकल मॉडल में 'मेट्रोनिडाजोल' नाम की एक आम एंटीबायोटिक का कुछ समय के लिए इस्तेमाल किया।
एंटीबायोटिक ने कुछ खास बैक्टीरिया की संख्या कम कर दी, जिससे बाइल एसिड का स्तर घट गया।
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