यूरोप के जंगल भविष्य में आग का और भी भयानक रूप देख सकते हैं। एक नए अध्ययन में चेतावनी दी गई है कि अगर वैश्विक तापमान वृद्धि को नियंत्रित करने के सर्वश्रेष्ठ प्रयास भी किए…
इस शोध के अनुसार, यदि वैश्विक तापमान वृद्धि को 1.8 डिग्री सेल्सियस तक सीमित भी कर लिया जाता है, तो भी गर्म और शुष्क मौसम के लंबे दौर जंगलों को आग के प्रति अधिक संवेदनशील…
अध्ययन में सबसे खराब स्थिति की एक भयावह तस्वीर भी पेश की गई है। यदि सदी के अंत तक दुनिया का तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाता है, तो यूरोप में जंगल की आग से जलने वाल…
इस अध्ययन के प्रमुख लेखक और पॉट्सडैम इंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट इम्पैक्ट रिसर्च के शोधकर्ता माइक बिलिंग ने कहा, “बेहतर वन प्रबंधन और प्रभावी अग्निशमन व्यवस्था से आग से होने…
यूरोप इस साल पहले ही इस खतरे का सामना कर रहा है। 2026 के अग्निकाल में अब तक यूरोपीय संघ में छह लाख हेक्टेयर से ज़्यादा ज़मीन आग की भेंट चढ़ चुकी है। ग्रीस, स्पेन, फ्रांस…
शोधकर्ताओं का निष्कर्ष है कि इस चुनौती से निपटने के लिए जलवायु परिवर्तन पर नियंत्रण और बेहतर वन प्रबंधन, दोनों मोर्चों पर एक साथ काम करना होगा। इसके लिए ग्रीनहाउस गैस उत्…
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