उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के तीनों दोषियों को एक बार फिर अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। बुधवार को न्यायालय ने सभी आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी।…
यह घटना सामने आने के बाद से ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने की प्रतिबद्धता जताई थी। इस मामले में पहले ही दोषियों को…
मामले की गंभीरता को देखते हुए घटना के 24 घंटे के भीतर ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसके बाद निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT)…
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने लगातार मजबूती से अपना पक्ष रखा, जिसका परिणाम यह हुआ कि दोषियों की जमानत याचिकाएं बार-बार खारिज होती रहीं और वे सलाखों के पीछे ही…
प्रदेश सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया में अंकिता भंडारी के परिवार को प्राथमिकता दी। परिवार की मांग पर तीन बार सरकारी अधिवक्ता बदले गए। इसके अलावा, जब परिवार ने सीबीआई जांच की…
सरकार ने अपना रुख स्पष्ट रखा था कि अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे सजा जरूर मिलेगी। वहीं, कांग्रेस समेत अन्य संगठनों द्वारा 'वीआईपी' के नाम पर सवाल उठाए गए, जि…
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