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लॉकडाउन के कारण अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान की भरपाई 12 घंटे काम करने से होगी?

(फोटो: IANS)

कोरोना वायरस की महामारी को रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन के सख्त निर्देश जारी कर दिए गए थे। जहां सरकार की तरफ से यह अपील की गई थी कि नौकरी करने वाले कर्मचारी की तरफ ऑफिस मालिकों को सहानुभूति दिखाते ह…

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इस बीच इनफ़ोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति ने काम के घंटे बढ़ाने का सुझाव दिया. इकोनॉमिक टाइम्स से बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि हफ़्ते में छह दिन काम कराया जाए और सोशल डिस्टेंसिंग के लिए तीन शिफ…

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जानकारों के मुताबिक कंपनी अगर इस सुझाब पर विचार कर रही है तो कोरोना महामारी और लॉकडाउन का बहाना देकर काम के घंटे बढ़ाना कामगारों के अधिकारों के ख़िलाफ़ होगा और यह बेशक तोर पर कर्मचारी के साथ शोषण है।…

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दुनियाभर में काम के घंटों का सामान्य मानक 8 घंटे तय है. दुनिया के कई देशों में कंपनियों में 5 Days वर्किंग (हफ़्ते में पांच दिन काम) यानी हफ़्ते में 40 घंटे काम करने का नियम लागू है और अतिरिक्त घंटे (…

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नारायण मूर्ति के सुझावों पर सवाल उठाते हुए ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) की महासचिव अमरजीत कौर कहती हैं, ''कम वर्कफ़ोर्स का हवाला देकर काम के घंटे बढ़ाना बिल्कुल सही नहीं है. इससे कामगारों प…

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