गुजरात सरकार की एक नागरिक-केंद्रित डिजिटल पहल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। राज्य के दिव्यांग जनों के लिए जारी होने वाले बस पास को अब डिजिटल लॉकर यानी 'डिजिलॉकर' से…
इस सुविधा के लागू होने से अब दिव्यांग यात्रियों को गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (GSRTC) की बसों में सफर के लिए भौतिक यानी फिजिकल पास साथ रखने की अनिवार्यता खत्म हो गई है…
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सचिव हर्षद पटेल (आईएएस) ने बताया, “डिजिलॉकर से इस पास के जुड़ने के बाद दिव्यांगजनों को अब मूल फिजिकल पास को अपने साथ रखने की जरूरत नह…
राज्य में अब तक 4.42 लाख से अधिक दिव्यांग बस पास जारी किए जा चुके हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा के अनुसार, “सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग…
गुजरात सरकार की इस पहल को मई 2024 में 'राज्यों के डेटा के लिए साइबर सुरक्षा ढांचा मजबूत करना' विषय पर आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यशाला के दौरान सम्मानित किया गया। यह पुरस्का…
मुफ्त बस यात्रा के अलावा, यह पास धारकों को 4 लाख रुपये का दुर्घटना मृत्यु बीमा कवर भी प्रदान करता है। पास धारक की आकस्मिक मृत्यु होने की स्थिति में, उनका नॉमिनी या कानूनी…
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