झारखंड के धनबाद कोयलांचल में लोग एक अनजाने डर के साए में जी रहे हैं। यहाँ ज़मीन के नीचे एक सदी से भी ज़्यादा पुरानी आग सुलग रही है, जिसके कारण धरती बार-बार फट रही है और ज…
यह संकट कोई नया नहीं है, लेकिन हाल के महीनों में, खासकर अगस्त और सितंबर में बारिश के साथ, ये घटनाएँ और भी बढ़ गई हैं। आलम यह है कि झरिया, कतरास, लोदना, केंदुआडीह और बाघमा…
पिछले कुछ हफ़्तों की घटनाएँ इस संकट की गंभीरता को दर्शाती हैं। 6 अगस्त को कतरास के छाताबाद में हुई घटना सबसे भयावह थी, जब ज़मीन धंसने से 20 से ज़्यादा मकान क्षतिग्रस्त हो…
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री के सलाहकार तरुण कपूर ने 31 अगस्त और 1 सितंबर को धनबाद का दौरा किया। उन्होंने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) की गतिविधियों, झरिया…
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समस्या दशकों के भूमिगत खनन, छोड़ी गई पुरानी खदानों और ज़मीन के भीतर बने खोखले हिस्सों का नतीजा है। मानसून की बारिश स्थिति को और बिगाड़ देती ह…
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