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आर्कटिक में चीन की नई समुद्री राह, भारत के लिए क्या हैं इसके रणनीतिक मायने?

(फोटो: IANS)

वैश्विक व्यापार के पारंपरिक समुद्री मार्गों पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच चीन ने एक नया रास्ता खोल दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजिंग ने रूस के…

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चीन की शिपिंग कंपनी सी लिजेंड ने निंगबो-झोउशान से ब्रिटेन के फेलिक्स्टोवे तक इस नए आर्कटिक मार्ग से लगभग 18 दिनों की यात्रा सेवा शुरू की है। यह पारंपरिक स्वेज नहर मार्ग स…

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चीन का यह कदम उसकी उन समुद्री मार्गों पर निर्भरता कम करने की रणनीति का हिस्सा है, जो होर्मुज या स्वेज जैसे संकटग्रस्त इलाकों से गुजरते हैं। यह भारत के लिए एक तरह की चुनौत…

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दिलचस्प बात यह है कि भारत इस दौड़ में सिर्फ मूकदर्शक नहीं है। नई दिल्ली, रूस के साथ मिलकर चेन्नई-व्लादिवोस्तोक ईस्टर्न मैरीटाइम कॉरिडोर को भविष्य में नॉर्दर्न सी रूट से ज…

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चीन की भौगोलिक स्थिति उसे आर्कटिक मार्ग का अधिक स्वाभाविक उपयोगकर्ता बनाती है। इसके विपरीत, भारत से यूरोप जाने वाले जहाजों के लिए NSR हमेशा पारंपरिक मार्गों से बेहतर विकल…

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