शेयर बाज़ार नियामक SEBI डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए सेटलमेंट प्राइस तय करने की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करने जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, नियामक अगले सप…
बाज़ार भागीदारों की मुख्य चिंता यह है कि डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी पर सेटलमेंट की कीमत CAS से तय होने वाले क्लोजिंग प्राइस पर आधारित नहीं होनी चाहिए। SEBI ने ब…
दरअसल, SEBI ने 3 अगस्त 2026 से इक्विटी कैश सेगमेंट में क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) की व्यवस्था लागू की थी। यह फैसला 16 जनवरी 2026 के एक सर्कुलर के तहत लिया गया था। इसी व्यव…
SEBI ने बताया कि CAS का ढाँचा तैयार करने से पहले दिसंबर 2024 और अगस्त 2025 में दो चरणों में सार्वजनिक परामर्श सहित हितधारकों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया गया था।
नियामक के अनुसार, CAS लागू होने के बाद उसने इसके क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों को समझने और हल करने के लिए स्टॉक एक्सचेंजों, ब्रोकरों, म्यूचुअल फंडों और विदेशी पोर्टफोलिय…
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