बिहार में बाढ़ का पानी भले ही धीरे-धीरे कम हो रहा हो, लेकिन इससे प्रभावित हुए लाखों परिवारों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताब…
आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, गंगा समेत कई नदियों में उफान के कारण पटना, भोजपुर, सारण, भागलपुर और मुंगेर जैसे 14 जिलों के 84 प्रखंडों की 514 ग्राम पंचायतें बाढ…
सड़कों और पार्कों में तंबू, भविष्य की चिंता
पटना के मरीन ड्राइव से लेकर मुंगेर के कलेक्ट्रेट परिसर तक, कई परिवार तिरपाल के तंबूओं में रहने को मजबूर हैं। इन अस्थायी आशियानों में बच्चे, बूढ़े और मवेशी एक साथ रह रहे ह…
इन लोगों के लिए पशु सिर्फ जानवर नहीं, बल्कि उनकी आजीविका का मुख्य साधन हैं। इसीलिए वे हर मुश्किल के बावजूद उन्हें अपने साथ रखे हुए हैं। पटना के मरीन ड्राइव पर शरण लिए एक…
लोगों का कहना है कि उनकी असली परीक्षा पानी उतरने के बाद शुरू होगी। घरों में जमा कीचड़ की सफाई, कमजोर हो चुकी दीवारों की मरम्मत, और खराब हो चुके अनाज को हटाना पहली चुनौती…
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