बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के कई गांवों में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। नेपाल से आए सैलाब के बाद गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस…
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार को इंडो-नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से 1 लाख 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसके बाद गंडक नदी उफान पर आ…
बुनियादी सुविधाओं का अभाव और प्रशासन पर अनदेखी का आरोप
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का जीवन बेहद कठिन हो गया है। एक स्थानीय निवासी ने एजेंसी को अपनी पीड़ा बताते हुए कहा, "बहुत बुरा हाल है। लोगों को आने-जाने के लिए 3 किलोमीटर तक पा…
ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या लगभग तीन महीने तक बनी रहती है। टूटी हुई सड़कें, बिजली की अनुपलब्धता और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी उनकी परेशानियों को और बढ़ा देती है। बच…
हर साल की वही कहानी, स्थायी समाधान की मांग
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